Product Details

एक नई सोच (कल्पना गोयल)

कवयित्री कल्पना गोयल की प्रथम काव्य कृति"एक नई सोच"शीर्षक से ही स्पष्ट है

इसमें लेखिका कहना चाह रही है कि हम अपनी सोच को परिवर्तित करके अपना लक्ष्य सहज ही प्राप्त कर सकते हैं।

अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि लेखिका शब्दों को संगठित रुप देकर आप सबके समक्ष खुद को ला पाई हैं।

 जगतवंदनीय ईश वंदन,मातृ-पितृ चरणों को नमन करते हुए लेखनी नवजीवन की आशा लिए हुए कलम की अनुभूति को प्रकृति के साथ खुद को एकाकार कर रही है।
मन की अनजानी-सी चाह लिए, समंदर में डुबकी लगाती हुई-सी इस जिंंदगी को समय की पतवार के साथ खे रही है।
खुद से बातें करती हुई-सी पुनः बीते लम्हों को जी लेना चाहती है। कभी वर्तमान को संवारती हुई, अपनी अदृश्य पीर को ओस से एकाकार कर देती है।
 गूढ़ भावों की-सी मुहिम लिए कवयित्री सभी को सहज एवं कोमल शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त कर देना चाह रही है।
आइए, आप सभी भी उस शब्दों के अलौकिक संसार में, जहां लेखिका अपना एक नया आलोक प्रसारित कर रही है!!!

Price INR 200
Shipping Charge INR 65
Total Cost: INR 265

Buy Now